# ज्ञानधुन

जानने की धुन

- साइट: https://gyandhun.com/

## नालंदा: दुनिया के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक की कहानी

- लिंक: https://gyandhun.com/nalanda-vishwavidyalaya-itihas/
- प्रकाशित: 2026-10-20T15:01:45+05:30
- लेखक: admin

बिहार में पटना से क़रीब 90 किलोमीटर दूर नालंदा के खंडहर आज भी लोगों को हैरान करते
हैं। ईंटों की ये दीवारें कभी दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक का हिस्सा
थीं।

## नालंदा की शुरुआत

माना जाता है कि नालंदा महाविहार की स्थापना पाँचवीं सदी में गुप्त शासक कुमारगुप्त
प्रथम के समय हुई। बाद के राजाओं ने भी इसे दान और संरक्षण दिया, जिससे यह कई सदियों
तक फलता-फूलता रहा।

## यहाँ क्या पढ़ाया जाता था

यहाँ बौद्ध दर्शन के साथ-साथ तर्कशास्त्र, व्याकरण, चिकित्सा, गणित और खगोल जैसे विषय
पढ़ाए जाते थे। भारत ही नहीं, चीन, कोरिया, तिब्बत और दक्षिण-पूर्व एशिया से भी विद्यार्थी
यहाँ आते थे।

## चीनी यात्रियों की गवाही

सातवीं सदी में चीनी यात्री ह्वेनसांग (श्वेन त्सांग) यहाँ आए और कई साल रहकर पढ़ाई
की। उनके और बाद में यिजिंग के विवरणों से हमें नालंदा के बारे में सबसे ज़्यादा जानकारी
मिलती है। उनके अनुसार यहाँ हज़ारों विद्यार्थी और सैकड़ों शिक्षक थे। इन संख्याओं 
पर इतिहासकारों में थोड़ा मतभेद है, पर इतना तय है कि यह बहुत बड़ा केंद्र था।

## विशाल पुस्तकालय

तिब्बती परंपरा में नालंदा के पुस्तकालय का ज़िक्र मिलता है, जिसमें लाखों पांडुलिपियाँ
बताई जाती हैं। असल संख्या पर निश्चित प्रमाण कम हैं, इसलिए इन्हें परंपरा के रूप में
ही देखना ठीक रहेगा।

## अंत कैसे हुआ

बारहवीं सदी के आख़िर में, लगभग 1190 के दशक में, बख़्तियार ख़िलजी के हमले में नालंदा
को भारी नुक़सान पहुँचा और इसके बाद यह धीरे-धीरे उजड़ गया। इसकी सटीक तारीख़ और कारणों
पर इतिहासकार अलग-अलग राय रखते हैं।

## आज का नालंदा

साल 2016 में नालंदा के खंडहरों को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। पास ही
राजगीर में नया नालंदा विश्वविद्यालय भी शुरू किया गया है, जो पुरानी परंपरा को आगे
बढ़ाने का प्रयास है।

नालंदा हमें याद दिलाता है कि भारत में ज्ञान की परंपरा कितनी पुरानी और खुली रही है।

## UP सहायक अध्यापक भर्ती 2026: 12,405 पदों पर आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 28 अक्टूबर तक मौका

- लिंक: https://gyandhun.com/up-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-2026-12405-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%8b/
- प्रकाशित: 2026-10-19T12:43:51+05:30
- लेखक: admin

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन की आख़िरी
तारीख बढ़ा दी है। अब अभ्यर्थी 28 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं और शुल्क जमा 
कर सकते हैं।

## नई तारीखें एक नज़र में

आवेदन शुरू: 16 सितंबर 2026
आवेदन और शुल्क की नई आख़िरी तारीख: 28 अक्टूबर 2026 (पहले
15 अक्टूबर)फ़ॉर्म में सुधार की नई आख़िरी तारीख: 31 अक्टूबर 2026 (पहले 19 अक्टूबर)
लिखित परीक्षा: 3 और 4 दिसंबर 2026 (तारीख में बदलाव नहीं)

## कितने पदों पर भर्ती

विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत कुल 12,405 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती होनी है। इनमें
11,508 पद शहरी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों के हैं और 897 पद सहायता प्राप्त प्राथमिक
विद्यालयों के हैं।

## आवेदन कैसे करें

आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in खोलें।
वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा 
करें।आवेदन फ़ॉर्म भरें और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।आवेदन शुल्क जमा करें।फ़ॉर्म
जमा करने के बाद उसका प्रिंट या PDF सुरक्षित रख लें।

## पात्रता, आयु सीमा और शुल्क

इनकी पूरी जानकारी आधिकारिक विज्ञापन (05/2026) में दी गई है। फ़ॉर्म भरने से पहले 
उसे ज़रूर पढ़ें।

## अभ्यर्थियों के लिए सलाह

आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें, क्योंकि आख़िरी समय में वेबसाइट धीमी हो सकती है। फ़ॉर्म
भरने के बाद सुधार का मौका 31 अक्टूबर तक है, उसका इस्तेमाल करके सारी जानकारी एक बार
दोबारा जाँच लें।

(यह लेख 19 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी पर आधारित है। किसी भी बदलाव के लिए आयोग की
वेबसाइट देखें।)

Sources jahan se tareekhein mili: आवेदन 28 अक्टूबर तक और सुधार 31 अक्टूबर तक हो 
सकता है। परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को होगी। कुल 12,405 पदों में 11,508 शहरी प्राथमिक
और 897 सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों के हैं। आवेदन 16 सितंबर 2026 से शुरू हुआ
और वेबसाइट upessc.up.gov.in है। (सहायक अध्यापक भर्ती: 12,405 पदों पर आवेदन की तारीख
बढ़ी, अब 28 अक्टूबर तक मौका – Manish singh)

![](https://gyandhun.com/wp-content/uploads/2026/10/1000182604-2-1024x683.jpg)
